Article 318 of the Constitution | अनुच्छेद 318 व्याख्या

यह लेख Article 318 (अनुच्छेद 318) का यथारूप संकलन है। आप इस मूल अनुच्छेद का हिन्दी और इंग्लिश दोनों संस्करण पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें, और MCQs भी सॉल्व करें।

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📜 अनुच्छेद 318 (Article 318) – Original

भाग 14 [संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं] अध्याय 2 – लोक सेवा आयोग
318. आयोग के सदस्यों और कर्मचारिवृंद की सेवा की शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति— संघ आयोग या संयुक्त आयोग की दशा में राष्ट्रपति और राज्य आयोग की दशा में उस राज्य का राज्यपाल 1*** विनियमों द्वारा

(क) आयोग के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा की शर्तों का अवधारण कर सकेगा ; और

(ख) आयोग के कर्मचारिवृंद के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा की शर्तों के संबंध में उपबंध कर सकेगा;

परंतु लोक सेवा आयोग के सदस्य की सेवा की शर्तों में उसकी नियुक्ति के पश्चात्‌ उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
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1. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 का धारा 29 और अनुसूची द्वारा “या राजप्रमुख” शब्दों का (1-11-1956 से) लोप किया गया।

अनुच्छेद 318 हिन्दी संस्करण

Part XIV [SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES] CHAPTER II.— PUBLIC SERVICE COMMISSIONS
318. Power to make regulations as to conditions of service of members and staff of the Commission— In the case of the Union Commission or a Joint Commission, the President and, in the case of a State Commission, the Governor 1*** of the State may by regulations—

(a) determine the number of members of the Commission and their conditions of service; and
(b) make provision with respect to the number of members of the staff of the Commission and their conditions of service:

Provided that the conditions of service of a member of a Public Service Commission shall not be varied to his disadvantage after his appointment.
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1. The words “or Rajpramukh” omitted by the Constitution (Seventh Amendment) Act, 1956, s. 29 and Sch. (w.e.f. 1-11-1956).

Article 318 English Version

🔍 Article 318 Explanation in Hindi

भारतीय संविधान का भाग 14, अनुच्छेद 308 से लेकर अनुच्छेद 323 तक में विस्तारित है जैसा कि आप देख सकते हैं यह पूरा भाग संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES) के बारे में है। जो कि दो अध्याय में बंटा हुआ है जिसे कि आप नीचे चार्ट में देख सकते हैं;

Chapters Subject Articles
I सेवाएं (Services) 308 – 314
II लोक सेवा आयोग (Public Services Commissions) 315 – 323
Part 14 of the Constitution

इस लेख में हम दूसरे अध्यायलोक सेवा आयोग (Public Services Commissions) ” के तहत आने वाले अनुच्छेद 318 को समझने वाले हैं;

केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध Center-State Financial Relations)
Closely Related to Article 318

| अनुच्छेद 318 – आयोग के सदस्यों और कर्मचारिवृंद की सेवा की शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति (Power to make regulations as to conditions of service of members and staff of the Commission)

अनुच्छेद 318 के तहत आयोग के सदस्यों और कर्मचारिवृंद की सेवा की शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति की व्यवस्था है। यह अनुच्छेद अपने पूर्ववर्ती अनुच्छेदों (अनुच्छेद 315, अनुच्छेद 316 एवं अनुच्छेद 317) का ही विस्तार है, तो पहले के अनुच्छेदों को अवश्य पढ़ें।

अनुच्छेद 318 के तहत कहा गया है कि संघ आयोग या संयुक्त आयोग की दशा में राष्ट्रपति और राज्य आयोग की दशा में उस राज्य का राज्यपाल विनियमों द्वारा निम्नलिखित व्यवस्था का उपबंध कर सकता है;

(क) आयोग के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा की शर्तों का अवधारण; और

(ख) आयोग के कर्मचारिवृंद के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा की शर्तों के संबंध में उपबंध;

हालांकि यहां यह याद रखिए कि लोक सेवा आयोग के सदस्य की सेवा की शर्तों में उसकी नियुक्ति के पश्चात्‌ उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन (unfavorable change) नहीं किया जाएगा।

कुल मिलाकर समझने की बात यह है कि यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को संघ और संयुक्त सेवा आयोगों के सदस्यों की संख्या को विनियमित करने और उनकी सेवा की शर्तों को निर्धारित करने का अधिकार देता है।

इसी प्रकार, राज्यपाल को राज्य आयोग के सदस्यों की संख्या को विनियमित करने और उनकी सेवा की शर्तों को निर्धारित करने की शक्ति दी गई है। इसमें आयोग के कर्मचारियों की संख्या के साथ-साथ उनकी सेवा से संबंधित अन्य पहलुओं के संबंध में प्रावधान करने की शक्ति शामिल है।

तो यही है अनुच्छेद 318 , उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सवाल-जवाब के लिए टेलीग्राम जॉइन करें; टेलीग्राम पर जाकर सर्च करे – @upscandpcsofficial

Related MCQs with Explanation

Question 1: Article 318 of the Indian Constitution deals with:

(a) The power of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions to make regulations as to their own conditions of service
(b) The power of the Union Government to make regulations as to the conditions of service of the members and staff of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions
(c) The power of the President to appoint the members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions
(d) The power of the Parliament to remove the members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions




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Answer: (b) Explanation: Article 318 of the Indian Constitution deals with the power of the Union Government to make regulations as to the conditions of service of the members and staff of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions.


Question 2: The Union Government’s power to make regulations under Article 318 of the Indian Constitution includes the power to:

(a) Determine the number of members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions
(b) Determine the salaries and allowances of the members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions
(c) Determine the terms of office of the members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions
(d) All of the above




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Answer: (d) Explanation: The Union Government’s power to make regulations under Article 318 of the Indian Constitution includes the power to determine the number of members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions, determine the salaries and allowances of the members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions, and determine the terms of office of the members of the Union Public Service Commission and the State Public Service Commissions.


Question 3: The Union Government’s power to make regulations under Article 318 of the Indian Constitution is subject to one important restriction:

(a) The conditions of service of a member of a Public Service Commission shall not be varied to his disadvantage after his appointment.
(b) The conditions of service of a member of a Public Service Commission shall not be varied without his consent.
(c) The conditions of service of a member of a Public Service Commission shall be approved by the Parliament.
(d) The conditions of service of a member of a Public Service Commission shall be approved by the President.




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Answer: (a) Explanation: The Union Government’s power to make regulations under Article 318 of the Indian Constitution is subject to one important restriction: the conditions of service of a member of a Public Service Commission shall not be varied to his disadvantage after his appointment. This restriction is intended to protect the independence of the Public Service Commissions.


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अस्वीकरण – यहाँ प्रस्तुत अनुच्छेद और उसकी व्याख्या, मूल संविधान (उपलब्ध संस्करण), संविधान पर डी डी बसु की व्याख्या (मुख्य रूप से), प्रमुख पुस्तकें (एम. लक्ष्मीकान्त, सुभाष कश्यप, विद्युत चक्रवर्ती, प्रमोद अग्रवाल इत्यादि) एनसाइक्लोपीडिया, संबंधित मूल अधिनियम और संविधान के विभिन्न ज्ञाताओं (जिनके लेख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर ऑडियो-विजुअल्स के रूप में उपलब्ध है) पर आधारित है। हमने बस इसे रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास किया है।