Article 309 of the Constitution | अनुच्छेद 309 व्याख्या

यह लेख Article 309 (अनुच्छेद 309) का यथारूप संकलन है। आप इस मूल अनुच्छेद का हिन्दी और इंग्लिश दोनों संस्करण पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें, और MCQs भी सॉल्व करें।

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📜 अनुच्छेद 309 (Article 309) – Original

भाग 14 [संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं] अध्याय 1 – सेवाएं
309. संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें— इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, समुचित विधान-मंडल के अधिनियम संघ या किसी राज्य के कार्यकलाप से संबंधित लोक सेवाओं और पदों के लिए भर्ती का और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमन कर सकेंगे;

परंतु जब तक इस अनुच्छेद के अधीन समुचित विधान-मंडल के अधिनियम द्वारा या उसके अधीन इस निमित्त उपबंध नहीं किया जाता है तब तक, यथास्थिति, संघ के कार्यकलाप से संबंधित सेवाओं और पदों की दशा में राष्ट्रपति या ऐसा व्यक्ति जिसे वह निदिष्ट करे और राज्य के कार्यकलाप से संबंधित सेवाओं और पदों की दशा में राज्य का राज्यपाल 1**** या ऐसा व्यक्ति जिसे वह निदिष्ट करे, ऐसी सेवाओं और पदों के लिए भर्ती का और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमन करने वाले नियम बनाने के लिए सक्षम होगा और इस प्रकार बनाए गए नियम किसी ऐसे अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए प्रभावी होंगे।
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1.संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 का धारा 29 और अनुसूची द्वारा “या राजप्रमुख” शब्दों का लोप किया गया।

अनुच्छेद 309 हिन्दी संस्करण

Part XIV [SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES] CHAPTER I — SERVICES
309. Recruitment and conditions of service of persons serving the Union or a State— Subject to the provisions of this Constitution, Acts of the appropriate Legislature may regulate the recruitment, and conditions of service
of persons appointed, to public services and posts in connection with the affairs of the Union or of any State:

Provided that it shall be competent for the President or such person as he may direct in the case of services and posts in connection with the affairs of the Union, and for the Governor 1*** of a State or such person as he may direct in the case of services and posts in connection with the affairs of the State, to make rules regulating the recruitment, and the conditions of service of persons appointed, to such services and posts until provision in that behalf is made by or under an Act of the appropriate Legislature under this article, and any rules so made shall have effect subject to the provisions of any such Act.
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1.The words “or Rajpramukh” omitted by s.29 and Sch., ibid (w.e.f. 1-11-1956).

Article 309 English Version

🔍 Article 309 Explanation in Hindi

भारतीय संविधान का भाग 14, अनुच्छेद 308 से लेकर अनुच्छेद 323 तक में विस्तारित है जैसा कि आप देख सकते हैं यह पूरा भाग संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES) के बारे में है। जो कि दो अध्याय में बंटा हुआ है जिसे कि आप नीचे चार्ट में देख सकते हैं;

Chapters Subject Articles
I सेवाएं (Services) 308 – 314
II लोक सेवा आयोग (Public Services Commissions) 315 – 323

इस लेख में हम पहले अध्याय “सेवाएं (Services)” के तहत आने वाले अनुच्छेद 309 को समझने वाले हैं;

केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध Center-State Financial Relations)
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| अनुच्छेद 309 – संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें (Recruitment and conditions of service of persons serving the Union or a State)

Article 309 के तहत संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तों का वर्णन है।

अनुच्छेद 309 के तहत कहा गया है कि इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, समुचित विधान-मंडल के अधिनियम संघ या किसी राज्य के कार्यकलाप से संबंधित लोक सेवाओं और पदों के लिए भर्ती का और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमन कर सकेंगे;

इस संविधान के प्रावधानों के अधीन, उपयुक्त विधानमंडल के अधिनियम संघ या किसी राज्य के मामलों के संबंध में सार्वजनिक सेवाओं और पदों पर भर्ती और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों को विनियमित कर सकते हैं:

परंतु जब तक इस अनुच्छेद के अधीन समुचित विधान-मंडल के अधिनियम द्वारा या उसके अधीन इस निमित्त उपबंध नहीं किया जाता है तब तक, यथास्थिति,

संघ के कार्यकलाप से संबंधित सेवाओं और पदों की दशा में, राष्ट्रपति या ऐसा व्यक्ति जिसे वह निदिष्ट करे; और,

राज्य के कार्यकलाप से संबंधित सेवाओं और पदों की दशा में, राज्य का राज्यपाल या ऐसा व्यक्ति जिसे वह निदिष्ट करे,

ऐसी सेवाओं और पदों के लिए भर्ती का और नियुक्त व्यक्तियों की सेवा की शर्तों का विनियमन करने वाले नियम बनाने के लिए सक्षम होगा और इस प्रकार बनाए गए नियम किसी ऐसे अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए प्रभावी होंगे।

कहने का अर्थ है कि अनुच्छेद 309 में खंड उन लोगों के लिए भर्ती और कर्तव्य की शर्तों को दर्शाता है जो संघ या किसी राज्य के व्यवसाय के संबंध में संघ या राज्य सार्वजनिक सेवा और कार्यालयों में सेवा करेंगे।

सार्वजनिक सेवाओं और पदों पर भर्ती और इसमें नियुक्त लोगों की सेवा की शर्तों को इस संविधान की आवश्यकताओं के अधीन, संबंधित विधानमंडल के अधिनियमों द्वारा विनियमित किया जा सकता है।

अनुच्छेद 309 द्वारा प्रदत शक्ति इस अनुच्छेद के प्रारंभिक शब्दों के अध्यधीन है। ये शब्द न केवल विधान मंडल की शक्ति को शासित करते हैं बल्कि परंतुक द्वारा प्रदत नियम बनाने की शक्ति को भी। अतएव यदि कोई नियम संविधान के किसी उपबंध का उल्लंघन करता है, जैसे अनुच्छेद 14, 15, 16, 19, 229, 234, 310(1) या 311(2) का, तो वह नियम शून्य होगा।

आपको याद होना चाहिए कि संविधान में यह उपबंध है कि संघ और राज्य के क्रियाकलाप से संबन्धित कुछ अधिकारी किस प्रकार नियुक्त किए जाएंगे और उनकी सेवा की शर्तें क्या होगी।

उदाहरण के लिए महान्यायवादी [अनुच्छेद 76] को लिया जा सकता है। इसी प्रकार संविधान में कुछ अन्य उपबंध है जिनके द्वारा लोक सेवकों के कुछ वर्ग की सेवाओं के संबंध में नियम बनाने की शक्ति कुछ अन्य प्राधिकारियों को दी गई है जैसे अनुच्छेद 98 और अनुच्छेद 187 [संसद के दोनों सदनों और राज्य विधान मंडल के कर्मचारियों के संबंध में], अनुच्छेद 146(2) [उच्चतम न्यायालय के संबंध में], अनुच्छेद 148(5) [भारतीय संपरीक्षा और लेखा विभाग में काम करने वाले व्यक्ति], अनुच्छेद 229(2) [उच्च न्यायालय के अधिकारी]। इसीलिए याद रखिए कि अनुच्छेद 309 इन वर्गों के सरकारी सेवकों को लागू नहीं होगा।

तो यही है अनुच्छेद 309 , उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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Related MCQs with Explanation

Question 1: Article 309 of the Indian Constitution deals with:

(a) The recruitment and conditions of service of persons serving the Union or the State
(b) The power of the Union Government to levy taxes on goods and services
(c) The power of the State Governments to levy surcharges on the taxes levied by the Union Government
(d) The power of the Union Government to collect and distribute the Compensation Cess




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Answer: (a) Explanation: Article 309 of the Indian Constitution deals with the recruitment and conditions of service of persons serving the Union or the State. It states that the Union Government may, by law, regulate the recruitment and conditions of service of persons appointed to any civil service of the Union or a State.


Question 2: The power of the Union Government to regulate the recruitment and conditions of service of persons serving the Union or the State under Article 309 of the Indian Constitution is subject to the following restrictions:

(a) The Union Government cannot make any rules that are inconsistent with the fundamental rights guaranteed by the Constitution
(b) The Union Government cannot make any rules that are discriminatory
(c) The Union Government must consult with the State Governments before making rules
(d) All of the above




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Answer: (d) Explanation: The Union Government’s power to regulate the recruitment and conditions of service of persons serving the Union or the State under Article 309 of the Indian Constitution is subject to all of the above restrictions.


Question 3: The Union Government has made a number of rules under Article 309 of the Indian Constitution, including:

(a) The All India Services Rules
(b) The Central Civil Service (Leave) Rules
(c) The Central Civil Services (Pension) Rules
(d) All of the above




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Answer: (d) Explanation: The Union Government has made a number of rules under Article 309 of the Indian Constitution, including the All India Services Rules, the Central Civil Service (Leave) Rules, and the Central Civil Services (Pension) Rules. These rules regulate the recruitment, promotion, transfer, leave, and pension of persons serving in the Union Government and the State Governments.


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