Article 308 of the Constitution | अनुच्छेद 308 व्याख्या

यह लेख Article 308 (अनुच्छेद 308) का यथारूप संकलन है। आप इस मूल अनुच्छेद का हिन्दी और इंग्लिश दोनों संस्करण पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें, और MCQs भी सॉल्व करें।

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📜 अनुच्छेद 308 (Article 308) – Original

भाग 14 [संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं] अध्याय 1 – सेवाएं
308. निर्वचन— इस भाग में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, “राज्य” पद 1[के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर राज्य नहीं है।]
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1. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 का धारा 29 और अनुसूची द्वारा “प्रथम अनुसूची के भाग क या भाग ख में विनिर्दिष्ट राज्य अभिप्रेत हैं” के स्थान पर (1-11-1956 से) प्रतिस्थापित।
अनुच्छेद 308 हिन्दी संस्करण

Part XIV [SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES] CHAPTER I — SERVICES
308. Interpretation—In this Part, unless the context otherwise requires, the expression “State” 1[does not include the State of Jammu and Kashmir].
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1. Subs. by the Constitution (Seventh Amendment) Act, 1956, s. 29 and Sch., for “means a State specified in Part A or Part B of the First Schedule” (w.e.f. 1-11-1956).
Article 308 English Version

🔍 Article 308 Explanation in Hindi

भारतीय संविधान का भाग 14, अनुच्छेद 308 से लेकर अनुच्छेद 323 तक में विस्तारित है जैसा कि आप देख सकते हैं यह पूरा भाग संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES) के बारे में है। जो कि दो अध्याय में बंटा हुआ है जिसे कि आप नीचे चार्ट में देख सकते हैं;

Chapters Subject Articles
I सेवाएं (Services) 308 – 314
II लोक सेवा आयोग (Public Services Commissions) 315 – 323

इस लेख में हम पहले अध्याय “सेवाएं (Services)” के तहत आने वाले अनुच्छेद 308 को समझने वाले हैं;

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
Closely Related to Article 308

| अनुच्छेद 308 – निर्वचन (Interpretation)

Article 308 के तहत निर्वचन (Interpretation) का वर्णन है।

अनुच्छेद 308 के तहत कहा गया है कि इस भाग में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, “राज्य” पद के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर राज्य नहीं है। जैसा कि हमने ऊपर समझा है कि संविधान का यह भाग (भाग 14) अनुच्छेद 308 से लेकर के अनुच्छेद 323 तक विस्तारित है।

इस अनुच्छेद के अनुसार भाग 14 के तहत आने वाले सभी अनुच्छेदों के तहत जो “राज्य (State)” शब्द का जिक्र किया गया है उसका मतलब जम्मू-कश्मीर नहीं है।

इसकी वजह जाहिर तौर पर उसको मिला विशेष स्टेटस था। हालांकि साल 2019 में अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय करके विशेष स्टेटस को खत्म कर दिया गया है लेकिन एक चीज़ और किया गया कि उससे राज्य का दर्जा ले लिया गया और उसे केंद्र-शासित प्रदेश बना दिया गया। इसीलिए अब भी यह प्रावधान उस पर काम नहीं करता है।

भारतीय संविधान के भाग XIV में सिविल सेवाओं के संगठन और कामकाज से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। संविधान का यह भाग संघ और राज्यों की सिविल सेवाओं में विभिन्न पदों पर नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती, नियुक्ति और सेवा शर्तों के लिए नियम और कानून निर्धारित करता है। इस सब के बारे में हम आगे आने वाले अनुच्छेदों में समझने वाले हैं;

तो यही है अनुच्छेद 308 , उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सवाल-जवाब के लिए टेलीग्राम जॉइन करें; टेलीग्राम पर जाकर सर्च करे – @upscandpcsofficial

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अस्वीकरण – यहाँ प्रस्तुत अनुच्छेद और उसकी व्याख्या, मूल संविधान (उपलब्ध संस्करण), संविधान पर डी डी बसु की व्याख्या (मुख्य रूप से), प्रमुख पुस्तकें (एम. लक्ष्मीकान्त, सुभाष कश्यप, विद्युत चक्रवर्ती, प्रमोद अग्रवाल इत्यादि) एनसाइक्लोपीडिया, संबंधित मूल अधिनियम और संविधान के विभिन्न ज्ञाताओं (जिनके लेख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर ऑडियो-विजुअल्स के रूप में उपलब्ध है) पर आधारित है। हमने बस इसे रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास किया है।