Article 264 of the Constitution | अनुच्छेद 264 व्याख्या

यह लेख Article 264 (अनुच्छेद 264) का यथारूप संकलन है। आप इस मूल अनुच्छेद का हिन्दी और इंग्लिश दोनों संस्करण पढ़ सकते हैं। आप इसे अच्छी तरह से समझ सके इसीलिए इसकी व्याख्या भी नीचे दी गई है आप उसे जरूर पढ़ें, और MCQs भी सॉल्व करें।

Bell आइकॉन पर क्लिक करके हमारे नोटिफ़िकेशन सर्विस को Allow कर दें ताकि आपको हरेक नए लेख की सूचना आसानी से प्राप्त हो जाए। साथ ही नीचे दिए गए हमारे सोशल मीडिया हैंडल से जुड़ जाएँ और नवीनतम विचार-विमर्श का हिस्सा बनें। खासकर के टेलीग्राम और यूट्यूब से जरूर जुड़ जाएं;
⬇️⬇️⬇️

📜 अनुच्छेद 264 (Article 264) – Original

भाग 12 [वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद] अध्याय 1 – वित्त (साधारण)
1[264. निर्वचन — इस भाग में, “वित्त आयोग” से अनुच्छेद 280 के अधीन गठित वित्त आयोग अभिप्रेत है।]
=============
1. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 का धारा 29 और अनुसूची द्वारा (1-11-1956 से) प्रतिस्थापित।
अनुच्छेद 264 हिन्दी संस्करण

Part XII [FINANCE, PROPERTY, CONTRACTS AND SUITS] Chapter 1 – Finance (General)
1[264. Interpretation— In this Part, “Finance Commission” means a Finance Commission constituted under article 280.]
===========
1. Subs. by the Constitution (Seventh Amendment) Act, 1956, s. 29 and Sch., for art. 264 (w.e.f. 1-11-1956).
Article 264 English Version

🔍 Article 264 Explanation in Hindi

भारतीय संविधान का भाग 12, अनुच्छेद 264 से लेकर अनुच्छेद 300क तक कुल 4अध्यायों (Chapters) में विस्तारित है (जिसे कि आप नीचे टेबल में देख सकते हैं)।

Chapters Title Articles
I वित्त (Finance) Article 264 – 291
II उधार लेना (Borrowing) Article 292 – 293
III संपत्ति संविदाएं, अधिकार, दायित्व, बाध्यताएं और वाद (PROPERTY, CONTRACTS, RIGHTS, LIABILITIES, OBLIGATIONS AND SUITS) 294 – 300
IV संपत्ति का अधिकार (Rights to Property) 300क
[Part 11 of the Constitution]

जैसा कि आप देख सकते हैं यह पूरा भाग संपत्ति संविदाएं, अधिकार, दायित्व, बाध्यताएं और वाद (PROPERTY, CONTRACTS, RIGHTS, LIABILITIES, OBLIGATIONS AND SUITS) के बारे में है।

संविधान का यही वह भाग है जिसके अंतर्गत हम निम्नलिखित चीज़ें पढ़ते हैं;

  • कर व्यवस्था (Taxation System)
  • विभिन्न प्रकार की निधियाँ (different types of funds)
  • संघ और राज्यों के बीच राजस्वों का वितरण (Distribution of revenues between the Union and the States)
  • भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा उधार लेने की व्यवस्था (Borrowing arrangement by Government of India or State Government)
  • संपत्ति का अधिकार (Rights to Property), इत्यादि।

संविधान के इस भाग (भाग 12) के पहले अध्याय को तीन उप-अध्यायों (Sub-chapters) में बांटा गया है। जिसे कि आप नीचे चार्ट में देख सकते हैं;

Sub-Chapters Title Articles
साधारण (General) Article 264 – 267
संघ और राज्यों के बीच राजस्वों का वितरण (Distribution of revenues between the Union and the States) Article 268 – 281
प्रकीर्ण वित्तीय उपबंध (Miscellaneous Financial Provisions) 282 – 291*
* अनुच्छेद 291 को 26वें संविधान संशोधन अधिनियम 1971 की मदद से निरसित (Repealed) कर दिया गया है।

इस लेख में हम अनुच्छेद 264 को समझने वाले हैं; जो कि साधारण (General) के तहत आता है। हालांकि मोटे तौर पर समझने के लिए आप नीचे दिये गए लेख से स्टार्ट कर सकते हैं;

केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध Center-State Financial Relations)
Closely Related to Article 264

| अनुच्छेद 264 – निर्वचन (Interpretation)

अनुच्छेद 264 के तहत निर्वचन (Interpretation) का वर्णन है।

अनुच्छेद 264 के तहत कहा गया है कि इस भाग में, “वित्त आयोग” से अनुच्छेद 280 के अधीन गठित वित्त आयोग अभिप्रेत है।

जैसा कि हमने ऊपर भी समझा कि संविधान का यह भाग (भाग 12) वित्तीय विषयों से संबन्धित है तो इस अनुच्छेद में यही कहा गया है कि इस पूरे भाग में जहां भी वित्त आयोग (Finance Commission) का जिक्र किया गया है उसे वही समझा जाएगा जो कि अनुच्छेद 280 के तहत बताया गया है।

याद रखें अनुच्छेद 280 के तहत एक अर्ध-न्यायिक निकाय के रूप में वित्त आयोग की गठन की बात की गई है। जिसका मुख्य काम केंद्र और राज्यों के वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन के तौर-तरीके और विभाजन योग्य संसाधनों का नियमन करने वाले सिद्धांतों को बताना है।

दूसरे शब्दों में कहें तो इसका मुख्य काम केंद्र एवं राज्य के मध्य पैसों का बंटवारा कैसे होगा, इसी सिद्धान्त को बताना है। इसका गठन राष्ट्रपति द्वारा हर पांचवें वर्ष या आवश्यकतानुसार उससे पहले किया जाता है।

इसके बारे में विस्तार से आप नीचे दिये गए लेख से समझ सकते हैं;

तो यही है अनुच्छेद 264 , उम्मीद है आपको समझ में आया होगा। दूसरे अनुच्छेदों को समझने के लिए नीचे दिए गए लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

वित्त आयोग (Financial Commission) (Art 280)
Must Read

सवाल-जवाब के लिए टेलीग्राम जॉइन करें; टेलीग्राम पर जाकर सर्च करे – @upscandpcsofficial

Related MCQs with Explanation

/8

1 votes, 1 avg

46



Chapter Wise Polity Quiz

वित्त आयोग (Art 280) अभ्यास प्रश्न

  1. Number of Questions – 8
  2. Passing Marks – 75 %
  3. Time -6 Minutes
  4. एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।



1 / 8

वित्त आयोग के संबंध में दिए गए कथनों पर विचार करें एवं सही कथन का चुनाव करें।



2 / 8

वित्त आयोग का संबंध किस अनुच्छेद से है?



3 / 8

पहले वित्त आयोग की अध्यक्षता निम्न में से किसने की?



4 / 8

इनमें से कौन वित्त आयोग का कर्तव्य नहीं है?

  1. संघ और राज्यों के बीच करों के शुद्ध आगमों का वितरण और राज्यों के बीच ऐसे आगमों का आवंटन।
  2. भारत की संचित निधि में से राज्यों के राजस्व में सहायता अनुदान को शासित करके वाले सिद्धान्त देना।
  3. संसदीय समिति द्वारा आयोग को सुदृढ़ वित्त के हित में निर्दिष्ट किया गया कोई अन्य विषय
  4. बंटवारे इस तरह से करना की जनसंख्या के समानुपात में सभी राज्यों को धन आवंटित हो सके।



5 / 8

वित्त आयोग में अध्यक्ष को छोड़कर और कितने सदस्य होते हैं?



6 / 8

15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन थे?



7 / 8

निम्न में से कौन सा कथन वित्त आयोग के सदस्यों की योग्यता नहीं है?



8 / 8

किस अनुच्छेद के तहत राज्य वित्त आयोग की बात कही गई है?



Your score is







0%

आप इस क्विज को कितने स्टार देना चाहेंगे;






| Related Article

अनुच्छेद 265 – भारतीय संविधान
अनुच्छेद 263 – भारतीय संविधान
Next and Previous to Article 264
भारतीय संविधान
संसद की बेसिक्स
मौलिक अधिकार बेसिक्स
भारत की न्यायिक व्यवस्था
भारत की कार्यपालिका
Important Pages of Compilation
अस्वीकरण – यहाँ प्रस्तुत अनुच्छेद और उसकी व्याख्या, मूल संविधान (उपलब्ध संस्करण), संविधान पर डी डी बसु की व्याख्या (मुख्य रूप से), प्रमुख पुस्तकें (एम. लक्ष्मीकान्त, सुभाष कश्यप, विद्युत चक्रवर्ती, प्रमोद अग्रवाल इत्यादि) एनसाइक्लोपीडिया, संबंधित मूल अधिनियम और संविधान के विभिन्न ज्ञाताओं (जिनके लेख समाचार पत्रों, पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर ऑडियो-विजुअल्स के रूप में उपलब्ध है) पर आधारित है। हमने बस इसे रोचक और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास किया है।